मिट्टी मिट्टी से मिले, या फिर तन तन से,
क्या होगा वो तेरा, जो हो न सका मन से ।
' रवीन्द्र '
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मिट्टी मिट्टी से मिले, या फिर तन तन से,
क्या होगा वो तेरा, जो हो न सका मन से ।
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