फ़िज़ा-ए-बेवफ़ाई,
खुशबू में तन्हाई,
फिर ज़िक्र है तेरा,
तू फिर याद आई ।
' रवीन्द्र '
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फ़िज़ा-ए-बेवफ़ाई,
खुशबू में तन्हाई,
फिर ज़िक्र है तेरा,
तू फिर याद आई ।
' रवीन्द्र '
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