भटका नहीं जो आसमाँ की राहों में,
नहीं आया वो सागर तेरी पनाहों में ।
रवीन्द्र '
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भटका नहीं जो आसमाँ की राहों में,
नहीं आया वो सागर तेरी पनाहों में ।
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