आया स्वतंत्रता दिवस निराला,
चहुं दिस फैला हैं उजियाला।।
सारे विश्व ने अब हमको जाना,
प्यार भरा हो ताना बाना।
धर्म संस्कृति से उपर हैं
मानवता का धर्म निभाना।
उठो दंेश के नव सेनानियों,
भारत मां के सुनो लाडलों।
उठो देश के नव सैनानियों,
अपनी ताकत तुम पहचानों ।
आॅखे खेाल के ,अब तुम देखो,
कितना आगे हैं, अब जाना।
अपने दम पर ,जीना सीखेा,
भला बुरा क्या ह,ैं तुम जानो।
मिल जुल कर तुम, रहना सीखेा
क्या हिन्दु क्या सिंख ईसाई।
हमको देता यही दिखाई,
सभी आपस में भाई भाई।
हमको भी हैं यही बताना
हिम्मत की ताकत को जानो।
बरजोरी अब नही सहेंगे
जाने वाले शहीद कह गये,
फला फूला ये देश दे गये।
इस वतन की तुम हो शान
स्वतंत्रता का यही हैं गान।।
प्रेषक- प्रभा पारीक
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