जब भी महसूस करता हूँ ख़ालीपन
तेरे दीदार से मुखरित है खालीपन
दर्शन के लिए लोग भले तरसते यहाँ
दर्शन खुद में तेरा भर जाएं खालीपन
तू मेरा प्यार हो या ईश्वर का रूप हो
सबकुछ होते हुए भी तरसे खालीपन
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पंकज त्रिवेदी
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