अति संवेदनशील आज के युवा
खूद को गुनहगार समझने लगे
पिता के अकांक्षा को नही कर सके पूरा
तो खूद को सजा देने लगे
क्लर्क पिता ने पुत्र के कंधे पर
अपनी दमित अकांक्षा को दिया लाद
पुत्र बनना चाहता था चित्रकार
अफसर बनने का पिता ने बनाया दबाव
पिता की अकांक्षा को कर नही सका पूरा
मुजरिम खूद को समझ लिया
अवसाद में घिर कर भरी जवानी में
पंखे से झूल कर आत्महत्या कर लिया
नीरा सिन्हा
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