मैं इंसान हूँ
मौलवी के लिये हिन्दू
पंडित पूछे तो मुसलमान हूँ
भूख जिसका मजहब
रोटी वेद पुराण है
मे इन्सान हूँ
पग पग में संघर्ष करते हुये
आधी अधूरी जिंदगी की मिसाल हूँ
मैं इंसान हूँ
भीड में खुद का वजूद तलाशने को बेताब हूँ
मैं इंसान हूँ
दूसरे के दुख को अपनाने को रहता तैयार हूँ
टूट गया पर पैसो के लिए जो ना बिका
वो ईमानदारी की मिसाल हूँ
हा में इंसान हूँ
नजमुन नवी खान "नाज"
--
Najmun Navi Khan "Naj"
Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY