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हृदय प्रदेश में तेजी से बढ़ रही कोरोना मरीजों की तादाद

 

लिमटी की लालटेन 80

हृदय प्रदेश में तेजी से बढ़ रही कोरोना मरीजों की तादाद!

(लिमटी खरे)

अगर स्वास्थ्य कर्मी ही कोरोना की जद में आ जाएंगे तो भारी परेशानी भी हो सकती है। देश के हृदय प्रदेश में हालात कुछ गंभीर दिख रहे हैं। प्रदेश में नब्बे से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मी, 40 से ज्यादा पुलिस कर्मी तथा उनके परिजन और भारतीय प्रशासनिक सेवा के चार अधिकारी कोरोना के संक्रमण से जूझ रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो देश के हृदय प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के ही 90 से ज्यादा कर्मचारी इसका संक्रमण झेल रहे हैं। पुलिस विभाग में चालीस से ज्यादा लोग और उनके परिजनों के अलावा भारतीय प्रशासनिक सेवा के चार अधिकारियों का कोरोना संक्रमित होना चिंता की बात मानी जा सकती है।

इतना ही नहीं ब्रहस्पतिवार की रात तक जो स्थितियां सामने आ रहीं थीं, उनके अनुसार मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। मध्य प्रदेश का इंदौर हाट स्पाट के रूप में उभर रहा है। देर रात तक लगभग 1164 मरीज संक्रमित पाए जाने की बात सामने आई थी, इसमें से 55 की मौत हो चुकी थी। इस लिहाज से डेथ परसेंटेज बहुत ज्यादा माना जा सकता है। मध्य प्रदेश के 24 जिलों को कोरोना के संक्रमण ने अपनी जद में ले लिया है।

इसी बीच एक खबर यह भी आई कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के द्वारा एक वक्तव्य दिया गया कि उनकी लड़ाई कोरोना से है नरेंद्र मोदी से नहीं। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के भरोसेमंद सूत्रों ने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि लिमटी की लालटेन में लगाता रही आरोप प्रत्यारोप बाद में करने की बात कही जा रही है। इसके वीडियोज भी देश भर में देखे जा रहे हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि राहुल गांधी के सलाहकारों को लिमटी की लालटेन के वीडियोज भी दिखाए गए, जिसके बाद राहुल गांधी के सलाहकारों के द्वारा उन्हें इस तरह के बयान देने का मशविरा दिया गया।

बहरहाल, देश के हृदय प्रदेश का सियासी नजारा अगर देखा जाए तो 23 मार्च को प्रदेश की कमान शिवराज सिंह चौहान के द्वारा संभाली गई थी। इसके बाद वे अपने मंत्रीमण्डल का गठन नहीं कर पाए। उनके पास शायद समय की कमी रही होगी। इसके एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा देश में जनता कफर््यू का ऐलान किया गया था।

मध्य प्रदेश में 23 मार्च से वन मैन आर्मी ही चल रही है। देश के इतिहास में यह संभवतः पहला ही मौका होगा जबकि कोई मुख्यमंत्री अपने मंत्रीमण्डल के बिना इतनी लंबी अवधि तक रहा हो। शिवराज सिंह चौहान की दुश्वारियां समझी जा सकती हैं। कांग्रेस से टूटकर भाजपा में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों को साधना भी है, अपना मंत्री मण्डल भी बनाना है और आलाकमान को संतुष्ट भी करना है। वैसे शिवराज सिंह चौहान मंझे हुए राजनेता हैं, उन्हें यह करने में शायद ही कोई तकलीफ हो।

देश की 130 करोड़ की आबादी में अब तक महज 14 हजार संक्रमित मरीज मिलना राहत की बात है। इससे ज्यादा लोगों ने तो अनेक देशों में अब तक दम तोड़ा है। देश में टोटल लॉक डाउन के चलते ही यह संभव हो पाया है, पर यक्ष प्रश्न यही है कि टोटल लॉक डाउन आखिर कब तक! एक तथ्य यह भी उभरकर सामने आ रहा है कि अब तक कम ही लोगों की जांच हो पाई है इसलिए आंकड़ा बहुत ज्यादा नहीं बढ़ पाया है।

इस मामले में राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को बधाई देना होगा जहां कोरोना से जंग अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से लड़ी जा रही है। मुख्यंमत्री अशोक गहलोत के द्वारा इसका श्रेय सरकार को देने के बजाए कोरोना वारियर्स को इसका श्रेय देकर मिसााल पेश की है। राजस्थान में औद्योगिक रूप से भीलवाड़ा बहुत ज्यादा संपन्न माना जाता है। भीलवाड़ा के जिलाधिकारी राजेंद्र भट्ट के द्वज्ञरा दिन रात एक करते हुए भीलवाड़ा में जिस तरह की नजीर पेश की है वह तारीफे काबिल है। राजेदं्र भट्ट राज्य प्रशासनिक सेवा से पदोन्नत होकर आईएएस बने हैं, इसलिए उनके कौशल, चातुर्य, दूरदृष्टि, टीम भावना को सलाम किया जाना चाहिए। राजस्थान में जहां इसके संक्रमित मरीजों की तादाद बढ़ रही है वहां आईएएस अधिकारियों को नोडल आफीसर बनाया गया है। यह माडल देश भर में लागू किए जाने की जरूरत है।

आप अपने घरों में रहें, घरों से बाहर न निकलें, सोशल डिस्टेंसिंग अर्थात सामाजिक दूरी को बरकरार रखें, शासन, प्रशासन के द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए घर पर ही रहें।

(लेखक समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के संपादक हैं.)

(साई फीचर्स)


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