मुहब्बत का दीया जलना बाकी है…..
हर एक साँस में बस तेरा ही नाम है,
इस दिल को तेरी राहों पर पूरा ऐतबार है।
एक हसीन ख़्वाब दिल में धड़क रहा है,
मेरी क़िस्मत में भी लिख जाए हमारा मिलन।
एक दिन तू ख़ुद चलकर मेरे पास आएगा,
मेरी सूनी सी दुनिया को गुल मोहरों से महकाएगा।
उम्मीद की रोशनी को सीने से लगाए बैठा हूँ,
टूटे हुए हौसलों को सँभालकर सजाए बैठा हूँ।
तेरी आहट का एहसास बाक़ी है,
तेरी मोहब्बत का दीया अब जलना बाक़ी है।
राहें चाहे कितनी भी तन्हा क्यों न हों,
इस दिल को तेरी वापसी का पूरा यक़ीन है !
जाने कब वो सुबह आएगी,
जब मेरी ये आँखें सच में तुझे देखेंगी।
तेरे बिना जो सदियाँ बीती हैं,
वो कहानियाँ मेरी तन्हाइयाँ तुझसे कहेंगी।
तू मेरे ख़यालों का हिस्सा है,
पर तू मेरा सबसे प्यारा क़िस्सा है।
इन रातों के सन्नाटों में जब दुनिया सो जाती है,
तेरी याद ही है जो मेरे हर दर्द को सहला जाती है।
टूटे हुए दिल की अब तू ही तो आरज़ू है।
तो क्या हुआ फ़ासले अभी दरमियान बहुत हैं,
इस पागल दिल में तेरी यादें ही जहान बहुत हैं।
ये इंतज़ार यूँ ही मुकम्मल रहेगा,
मेरा दिल तो बस तेरे नाम से ही आबाद रहेगा !
लता नाएक
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