देश हमारा है ..
हम हर समय केवल अपने बारे में सोचते हैं, हमारा व्यापार खूब चलने लगे और जीवन पर्यन्त एक ही काम करते हैं और जरा सी दिक्कत आयी, व्यापार में मंदी आई और सरकार को कोसने लगते हैं और जबकि हम जानते हैं सरकार भी हमारे वोटों से बनी है और उसमें भी ठीक हमारे लोग हैं जो अपने लिये ही सोचते हैं और यह क्रम चल रहा है।
थोड़ा हट कर सोचें! समय और राजनीति निरन्तर बदलती रहती है, हालात बदलते रहते हैं और हम सब तरफ देखभाल कर चलें, देश की गतिविधियाँ देखते रहें। हम इस देश की इकाई हैं और देश का नफा-नुकसान हमारा स्वयं का नफा-नुकसान है। अपने दैनिक कार्य करते रहें, और सावधान रहें, कभी बहोत बड़ा नुकसान नहीं होगा।
जितना सावधान रहेंगे, उतनी अधिक प्रगति करेंगे, अगल-बगल मुल्क वाले हमारी तरफ नज़र उठा कर नहीं देखेंगे। चुनाव भी आते रहेंगे, हमारा प्रथम कर्तव्य है वोट देना, और वह भी सोच-समझ कर-समय निकाल कर लोगों से विचार-विमर्श करके कि सरकार क्या कर रही है, विपक्ष क्या कर रहा है-किस पार्टी की क्या नीयत है, कौन कुछ कर सकता है, कोई केवल सत्ता हथियाने की राजनीति कर रहा है।
जरा इधर भी ध्यान रहेगा बहुत काफी कुछ समझ आ जायेगा। आपका देश है- यह भी आपके लिये बहुत जरूरी है। जब हम सब भारतवर्ष की जनता देश की तरफ देखने लगेगी देश समृद्ध और शक्तिशाली स्वयं हो जायेगा।
बेकार मुकदमें बाजी ...
बहन से किसी मोड़ पर कभी जीत नहीं सकते ...
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