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'डॉ. शैलेश शुक्ला को 'डॉ. तारा सिंह विशिष्ट राष्ट्रीय सम्मान–2026'

 

डॉ. शैलेश शुक्ला को 'डॉ. तारा सिंह विशिष्ट राष्ट्रीय सम्मान–2026'

हिंदी साहित्य, पत्रकारिता और वैश्विक बौद्धिक जगत में उल्लेखनीय योगदान का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान

देश के प्रतिष्ठित मीडिया विशेषज्ञ, साहित्यकार, पत्रकार, शोधकर्ता एवं संचार चिंतक डॉ. शैलेश शुक्ला को हिंदी भाषा, साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में उनके बहुआयामी एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वार्गविभा परिवार, नवी मुंबई द्वारा "डॉ. तारा सिंह विशिष्ट राष्ट्रीय सम्मान–2026" से अलंकृत किया गया है। यह सम्मान उन्हें हिंदी साहित्य सेवा के आजीवन समर्पण, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए प्रदान किया गया।

संस्था द्वारा प्रदत्त प्रशस्ति-पत्र में उल्लेख किया गया है कि डॉ. शुक्ला ने हिंदी साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में जो विशिष्ट योगदान दिया है, वह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। सम्मान के रूप में उन्हें आकर्षक प्रतीक-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र भेंट किया गया।

डॉ. शैलेश शुक्ला देश के उन चुनिंदा विद्वानों में हैं जिन्होंने साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा, शोध, डिजिटल मीडिया, भाषा प्रौद्योगिकी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) जैसे समकालीन विषयों पर समान अधिकार के साथ कार्य किया है। वे पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीएच.डी. हैं तथा हिंदी, जनसंचार एवं पत्रकारिता में परास्नातक होने के साथ-साथ मानव संसाधन प्रबंधन एवं विपणन (MBA) की डिग्री भी प्राप्त कर चुके हैं।

हाल ही में उनका चयन Knowledge Networks, USA द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ERAI Fellowship–2026 के लिए हुआ है, जिसके अंतर्गत विश्वभर के चुनिंदा मीडिया विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों के साथ Artificial Intelligence Ethics, Governance, Accountability और Responsible AI जैसे वैश्विक विषयों पर कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि भारतीय मीडिया एवं हिंदी जगत के लिए भी गौरव का विषय मानी जा रही है।

डॉ. शुक्ला अब तक 1000 से अधिक कविताएँ, गीत, लेख, शोधपत्र, साक्षात्कार, कहानियाँ, समीक्षाएँ और समसामयिक टिप्पणियाँ लिख चुके हैं, जो देश-विदेश के लगभग 200 से अधिक समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं, शोध जर्नलों एवं डिजिटल मंचों पर प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने पाँच पुस्तकों का लेखन, बीस से अधिक पुस्तकों का संपादन तथा दिल्ली विश्वविद्यालय, इग्नू सहित विभिन्न संस्थानों द्वारा प्रकाशित पुस्तकों में चालीस से अधिक अध्यायों का लेखन किया है। उनके पचास से अधिक शोधपत्र प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।

पत्रकारिता और शिक्षण के क्षेत्र में भी उनका अनुभव अत्यंत समृद्ध रहा है। वे सिक्किम केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रथम हिंदी अधिकारी रहे हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में संचार अध्ययन तथा सिक्किम विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर हिंदी का अध्यापन किया है। वे गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राजभाषा विभाग के अंतर्गत हिंदी शिक्षण योजना, गंगटोक में Officer-in-Overall-Charge के रूप में भी महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं।

वर्तमान में डॉ. शुक्ला सृजन संसार अंतरराष्ट्रीय पत्रिका समूह के Global Group Editor के रूप में कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय शोध एवं साहित्यिक पत्रिकाएँ हिंदी भाषा, भारतीय चिंतन, मीडिया अध्ययन तथा समकालीन विमर्श को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने देश-विदेश के विश्वविद्यालयों, साहित्यिक संस्थाओं एवं भारतीय दूतावासों के सहयोग से सैकड़ों राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन एवं संयोजन किया है।

उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए उन्हें समय-समय पर अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है। इनमें भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा प्रदत्त 'राजभाषा गौरव पुरस्कार (2019–20)', हिंदी अकादमी, दिल्ली का 'नवोदित लेखक पुरस्कार (2003–04)', अखिल भारतीय काव्य, कथा एवं कला परिषद (महू, इंदौर) का 'पत्रकार रत्न सम्मान' सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान शामिल हैं। अब 'डॉ. तारा सिंह विशिष्ट राष्ट्रीय सम्मान–2026' उनके सम्मान-पत्रों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ गया है।

सम्मान प्राप्त करने के उपरांत डॉ. शैलेश शुक्ला ने कहा कि सम्मान किसी व्यक्ति की अंतिम उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उसकी जिम्मेदारियों को और अधिक बढ़ाने वाला प्रेरक माध्यम होता है। उन्होंने यह सम्मान अपने समस्त पाठकों, विद्यार्थियों, सहकर्मियों, साहित्यकारों, पत्रकारों तथा हिंदी प्रेमियों को समर्पित करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी हिंदी भाषा, नैतिक पत्रकारिता, ज्ञान-आधारित समाज तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार उपयोग के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

हिंदी साहित्य, पत्रकारिता, शोध, मीडिया अध्ययन और वैश्विक बौद्धिक विमर्श में डॉ. शैलेश शुक्ला का निरंतर सक्रिय योगदान उन्हें समकालीन भारत के बहुआयामी विद्वानों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करता है। 'डॉ. तारा सिंह विशिष्ट राष्ट्रीय सम्मान–2026' इस बात का प्रमाण है कि उनका कार्य केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक परिदृश्य में भी निरंतर प्रतिष्ठा अर्जित कर रहा है।


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