राखी का त्योहार
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डॉ उषा श्रीवास्तव
कितना सुंदर कितना स्नेहिल
राखी का त्योहार आया,
कच्चे धागे में बंधा हुआ है
भाई-बहन का प्यार आया।
आंखें बिछाए राह देखतीं
बहनें अपने भाई की
दूर देश रहता भाई फिर
राह देखती भाई की।
सीमा पर जो भाई खड़े हैं
बहनों की रक्षा के लिए
इस धागे में बसा है गहरा
प्रेम बहन और भाई की।
कितना सुंदर कितना स्नेहिल
राखी का त्योहार आया
अटूट बंधन में बंधा हुआ है
भाई-बहन का प्यार आया।
मुजफ्फरपुर, बिहार
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