मेरी आँखों में किरदार नजर आता है
रँगे फलकयार का दीदार नजर आता है
पर्वत जैसी रात कटी कैसे पूछो मत
आसमाँ फूलों का तरफदार नजर आता है
सर्द पवन पहले लगता था मुझे गुलाबी
अब तो सनका-सा फनकार नजर आता है
माँगे भीख नहीं छीनो जो चाहे ले लो
यह कहना हमको दमदार नजर आता है
तुमसे बिछड़ी भूल हो गई 'तारा' की
उनका चेहरा सपनों में हर बार नजर आता है
Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY