
फूल

अति सुंदर फूल निराले
लाल बैंगनी , हरे गुलाबी
कुछ नीले , कुछ पीले
देखो कैसे डोल रहे मतवाले
सूरज आकर इन्हें जगाता
स्वर्णजल से फिर नहलाता
भँवरे आते, गान सुनाते
तितलियाँ चूमतीं,हवा दुलराता
मंदिर जाना इसे नहीं पसंद
न ही प्रेमी जोड़े के, जयमाल में
गूँथकर आता इसे आनंद
इसे पसंद है , धरती माँ के
चरणों में झड़-झड़कर मिट जाना
जब बहे, प्रतिकूल पवन
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