न चिंता अच्छी, न मलाल अच्छा
है उसका दोस्ताना सबसे अच्छा
न चाँद अच्छा, नसूरज अच्छा
जिसने बनाया इन्हें, वो है अच्छा
नाता हर कौम से रखना, है अच्छा
पर नाता नहीं कोई, माँ से अच्छा
खेलना है जरूरी, खेलो मगर, मजहब
के खिलौने से खेलना नहीं अच्छा
जहाँ न मौत अपनी,न जिंदगी अपनी
वहाँ है चाह का इलजाम सबसे अच्छा
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