दुनिया एक सरायखाना है
आज ठहर , कल जाना है
कुछ पल का मिलन है यह
किसे पता, अब कब आना है
जाने वाले लौटकर नहीं आते
इंतजार ,दिल को समझाना है
हम सब मिट्टी से बने हैं, पुन:
हमें मिट्टी में मिल जाना है
यहाँ अमरत्व पीकर कोई नहीं
आया, जो आया, उसे जाना है
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