दिल को आजमाना छोड़ दे तू
मेरा मान, सताना छोड़ दे तू
इश्क की दुनिया,तुम्हीं से जिंदा है
गैर के पास बिठाना छोड़ दे तू
सिजदा करने में सिर कटा है
सिर उठा, झुकाना छोड़ दे तू
वादा- ए- दीदार मर चले , कर
बहाना , आजमाना छोड़ दे तू
रहे आबाद इश्क की दुनिया
अपना कोई ठिकाना छोड़ दे तू
यह दिल तुम्हारा घर है , रह
यहीं , यहाँ से जाना छोड़ दे तू
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