लोग दिल से गरीब होते हैं ।
वरना सब खुशनसीब होते हैं ।।
पत्थरों को ख़ुदा समझते हैं
लोग कितने अज़ीब होते हैं ।।
सोचते हैं चलो रोज़े रख लें
यूँ भी फ़ाक़े नसीब होते हैं।।
मस्जिदों में अज़ान देते हैं
क्या वो रब के क़रीब होते हैं।।
जिनकी माएं नही ज़माने में
वे बड़े बदनसीब होते हैं ।।
डॉ रंजना वर्मा
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