बने सिविल कानून अब,मिल जुल सबका योग।
नही चलेगा रात दिन, हम सबको ये रोग
क्यों कर सब हैं फोड़ते, अपने अपने माथ।
सम कानून बना चलें,हिन्दू मुस्लिम साथ।
संविधान शोधित करें,हो कानून समान।
सिविल कोड कामन बनें,जनता की अब मांग।
न्यायालय सर्वोच्च ने दिया हमें आदेश।
संविधान सम्मत बने,लायें अध्यादेश।
————-डा . प्रवीण कुमार श्रीवास्तव
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