शुभ आगमन ,है प्रीतिकर ,है शुभ दिवस, मम बालिका।
मम बाल दिवसं, शोभितं,नव शोधनम, हम बालिका।
मम चंचला ,नव सुरभिता, मम कोकिला ,त्वम बालिका।
मन मोहिता,हे धाविका,हे पूजितं, सम बालिका।
मम अर्चना, अभ्यर्थना, हे मात्रिका, मम याचना,
शुभ नेह कर, ममता मयी,मां दूर कर,दुर्भावना।
मम भारती,हम बालिका, मां पूर्ण कर शुभ कामना।
हम बालिके, हैं कोमला,मन निर्मला,शुभ अर्चना।
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम।
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