मैं भारत का हूँ l
मैं शुद्ध भारत का हूँ,
जातिवाद का बीज बोने वालों
कान खोलकर सुन लो
मैं तुमसे ज्यादा भारतीय हूँ
मैं तुमसे पहले से इस पवित्र माटी में जन्मा हूँ l
इसी भूमि ने मेरे श्रम से सोना उगला है
देश की माटी का रंग मेरे रग-रग में है
मैं भर्म की नहीं श्रम की खाता हूँ l
मैं भारत की माटी का हूँ
मैं भारत में जीता हूँ
मैं भारत की गाता और बजाता हूँ।
तुम मुझे अछूत कहते हो
तुम्हारी आदमियत विरोधी समझ से
मैं टूटा नहीं बिखरा नहीं
अपनी माटी को लहू से सींचा हूँ
मजबूत और मजबूत हुआ हूँ।
याद रखो वह दिन भी आएगा
जब मैं मालिक बनूंगा
कोई मुझे रोक नहीं पाएगा
और
ये दुनिया मेरे साथ होगी l
नन्दलाल भारती
21/04/2026
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