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भारत की माटी

 

भारत की माटी

मुझे अछूत बना दिया गया ,

यह मेरा अभिशाप नहीं है,

अभिशापित तो वो नरपिशाच हैं,

जिन लोगों ने आदमी को

शूद्र,वैश्य क्षत्रिय और ब्राह्मण में तोड़ा

संतोष नहीं हुआ तो

जाति-उपजाति में खंडित कर दिया

फिर इंसानियत के दुश्मनों ने

अछूत कह दिया l

लेकिन मेरी जड़े भारत की माटी में है

मैं जानता हूँ

एक सुबह धरती पर आएगी

मेरी दफन कीर्ति माटी से बाहर आएगी

तब जहाँ इतराएगी धरती के वीरों पर

और थूकेगी इंसानियत के दुश्मनों पर l

भले ही मुझे अछूत कह दिया गया है

मुझे गर्व है, मैं भारत की माटी का हूँ

मेरे लहू में भारत की धड़कन है l

नन्दलाल भारती

22/04/2026



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