भारत हो सर्वश्रेष्ठ
-नन्दलाल भारती
हम भारत के लोग आओ मिलकर देश बनाए
ये जाति-धर्म की दीवारों क्यों
आओ हम भारत के मिलकर गिराएं।
ये जाति भेद धर्म भेद क्यों?
आओ नफरत के सबूत सदभाव जगाये ,
आओ हम भारत के लोग देश बनाएं ॥
क्यों हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
हम भारत के लोग हैं भाई-भाई।
बोली-भाषा,वेशबूसा भले हो अलग,
रखो याद अपनी तो है एक कलाई॥
सूरज -चाँद, ज़ल गगन धरती,
हम भारत के लोग पाते बराबरी का प्यार -दुलार l
श्रम शक्ति का का सम्मान करें सब,
ज्ञान-विज्ञान की अपनाएं ।
खेती, शिक्षा,उद्योग बढ़ाये,कल सुन्दर बनाएं
नारी को हक मिले युवा शक्ति को मिले रोजगार
हवाएं भारत के गीत गाए, तिरंगा जग में सम्मान पाए l
अरे अपनी जहां के तारों अब हाथ आओ
समय की मांग यही, संविधान का है उद्घोष।
जाति -धर्म का बैर मिटे हम सब हो जाएं एक,
समग्र रूप से, "अपना भारत धरती का हो सर्वश्रेष्ठ
जय...जय..... जय...मानवता
जय.. जय.. जय भारत.......l
इंदौर /19/06/2026
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