Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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विकासयात्रा

 
विकासयात्रा
वर्णवादी जंजीरे टूटकर बिखर जाएगी
हर सलाख पिघल जाएगी
जो जातिभेद- ऊंच-नीच के नाम खड़ी है
शूद्र -अशूद्र का चक्रव्यूह अब टूटेगा l
हम भारत के लोग, हाथ में संविधान है
शिक्षा शेरनी का दूध, अब हमारा हथियार है
अपनी माटी,अपना मान-सम्मान है
सम्मान से जीना, अपना अधिकार है l
हमारी जमीं आसमान लूट गया है,
अपनी जहाँ जानती है, हमें लेना है
गिर-गिरकर उठेंगे, भिड़ेगे,बढ़ेगे, अधिकार लेकर रहेंगे
यह आज़ाद भारत है,हाशिये की आवाज़ गूंजेगी
बूढ़े भारत की सोच बदलेगी,भारत की माटी का आदमी
अपनी विकासयात्रा का इतिहास लिखेगा l
नंदलाल भारती
24/04/2025

Swargvibha <swargvibha@gmail.com> 

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