उत्तराखण्ड राज्य गीत
यह उत्तराखण्ड है मेरा,
सब धर्मों का लगता डेरा।
देवभूमि यह भारत की है,
दुनिया को लगे स्वर्ग समान।
यहाँ करे हैं ऋषि , मुनि , ज्ञानी,
योग साधना तप और ध्यान ।।
यह उत्तराखण्ड है मेरा,
जहाँ सच का होता सवेरा।।
साथी बनके खड़ा हिमालय,
देता जग जीवन को संबल।
करें पिता सम पहाड़ प्रेरित ,
हेमकुंड देता आस्था - बल।।
यह उत्तराखण्ड है मेरा,
रिश्तों में सजता पग फेरा ।।
यमुनोत्री , गंगोत्री , बद्री,
तीर्थ हैं सारनाथ ,केदार।
कस्तूरी मृग, मोनाल वन में,
ब्रह्म कमल पहने गिरि - हार।।
यह उत्तराखण्ड है मेरा,
कण -कण में है ईश बसेरा ।।
© डॉ मंजु गुप्ता
वाशी , नवी मुंबई
Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY