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प्रभु गणेश की स्तुति

 

प्रभु  गणेश की स्तुति


डॉ मंजु गुप्ता


पहले    प्रभु पूज्य विनायक।

जन के  हरि  विघ्नविनाशक।।

प्रभु हैं  धन  नौ निधि नायक।

सबके वह  कष्टनिवारक।।


उनका    इक   नाम  गजानन।

 लगते वह हैं गज आनन।।

सबका  शुभ  मंगल हैं कर।

जन के दुख  कंटक  को हर।।


तुम हो  नर के मति दायक।

तुम हो सच धैर्य सहायक।।

तुम हो करुणा बल सागर।

भरते खुशियाँ यश गागर।।


छल द्वेष सभी हरना अब।

सच प्रेम उजास करो सब।।

करती  दिल से प्रभु वंदन।

  पग छू उर ले रज चंदन।।

 


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