जन्माष्टमी , मानवता दिवस के पावन पर्व पर शुभकामनाएँ , आओ हम सब मोहन , कृष्ण , माखन चोर की तरह प्रभु के दैवीय गुणों को धारें।
हरिप्रिया छंद में प्रभु श्री कृष्ण की महिमा
प्रभु कान्हा प्रकट जेल , कर लीला गजब खेल,
कस दी मामा नकेल , बेड़ी थी तोड़ी।
रखे पिता कृष्ण सूप , युमना छू पग अनूप,
तब पहुँचे पार भूप , नंद हाथ जोड़ी ।।
ब्रज में आनंद आज , कर गोकुल गोप नाज ।
ढोल बजे संग साज , झूमी शहनाई।
उमड़ी श्रद्धा विशाल , निकले झाँकी कमाल ,
गोकुल मथुरा मिसाल , सुखद घड़ी आई।।
डॉ मंजु गुप्ता
वाशी , नवी मुंबई
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