हिंदी से हिंदुस्तान -------------
डॉ मंजु गुप्ता
हिन्दी की प्रख्यात साहित्यकार डॉ. अनुजा जी का मोबाइल आज सबेरे-सबेरे ही बज उठा।
"हैलो!" चाय का कप टेबल पर रख उन्होंने फोन उठाया। दूसरी तरफ़ से कहा गया, "गुड मोर्निंग मैडम, मैं सेक्रेड हार्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल से हिंदी टीचर बोल रही हूं।"
"अरे हाॅं...हाॅं, मैडम बोलिये!"
"एक रिक्वेस्ट है मैडम, डे आफ्टर टुमारो 'हिन्दी डे' पर हमारे स्कूल में एक प्रोग्राम है और आप हमारी चीफ गेस्ट हैं। हिन्दी लेंग्वेज को डेली यूज की लेंग्वेज बनाने के इजी मैथड पर आपका लेक्चर भी है। आप आयेंगी न... कन्फर्म अगेन, प्लीज़?"
"हाँ , लेकिन आमंत्रण हिंदी में लिखित में भेजो , जिस से सोशल मीडिया पर डाल सकूँ।"
'सॉरी मेडम , अंग्रेजी हमारा स्टेटस सिंबल है।"
"हिंदी की चिंदी तुम्हीं लोगों ने की।"
" समय के साथ चलना है।हमारी इंटरनेशनल रेपुटेशन ... है।"
" मेरा आना न समझो ।"
"आप कोपरेट करो।"
"नहीं ... दूरदर्शन पर मेरा कविसम्मेलन।"
"ओह..।"
"हिंदी मेरा स्वाभिमान , इसी से हिंदुस्तान ।"
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