Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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अ से अध्यापक है होता

 

डॉ मंजु गुप्ता , वाशी , नवी मुंबई


अ  से अध्यापक है  होता


सृजनाकार - सा स्वर - व्यंजन   सिखाता 


ध्या  से ध्यान -  साधना करवाता 


धर्म - नैतिकता का पाठ पढ़ाता।  


प से पूर्णता का प्रतीक बन के  


सही दिशा ज्ञान है सिखाता 


क से  कर्ता , कर्म , क्रिया , कारक बनके 


व्याकरण ज्ञान सिखलाता। 


शब्द , व्याकरण के मेल से बनता  वाक्य 


सिखा के  बौद्धिक ज्ञान संसार 


करे  भविष्य को साकार 


अध्यापक की महिमा अपरम्पार 


करती  " मंजु " कोटी  - कोटी नमस्कार।   

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