Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
Administrator

रक्षा बंधन बंधन है

 

रक्षा बंधन बंधन है

         हृदय का स्पंदन है 

भाई बहनों का गठबंधन है 

                  यही रक्षा बंधन है यही रक्षाबंधन है


रक्षा बंधन बंधन है,

हृदय का मधुर स्पंदन है।

भाई-बहनों का गठबंधन है,

प्रेम-स्नेह का अनुबंधन है—

यही रक्षाबंधन है।


न धागा केवल धागा है,

इसमें विश्वास का वादा है।

सुख-दुःख में जो साथ खड़ा हो,

वही रिश्तों का सच्चा नाता है।


बहन की आँखों का विश्वास,

भाई के मन का दृढ़ संकल्प है।

स्नेह, समर्पण और अपनापन—

राखी का यही विकल्प है।


रिश्तों की यह पावन डोर,

जन्म-जन्म का अभिनंदन है।

भाई-बहन के निर्मल प्रेम का

सबसे सुंदर स्पंदन है—

यही रक्षाबंधन है।


डॉ कृष्णप्रकाश 'सुधांशु'

झूमरीतिलैया, कोडरमा 

झारखंड

Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY
हर उत्सव के अवसर पर उपयुक्त रचनाएँ