अहंकार का बोझ जब, सिर पर चढने लगा,आदमी को आदमी तब, कीडे सा लगने लगा|
ढोने लगा वह बोझ अपना, अपने ही कंधो पर यहाँ,
आदमी मे आदमियत अब, अहसास भी घटने लगा|
अ कीर्ति वर्धन
Powered by Froala Editor
अहंकार का बोझ जब, सिर पर चढने लगा,Powered by Froala Editor
LEAVE A REPLY