Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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विश्व ओजोन संरक्षण दिवस

 

विश्व ओजोन संरक्षण दिवस

हरित रहे अपनी वसुन्धरा,
संकल्प किया सबने भारी।
काट काट कर वृक्ष धरा से,
अब गमलों में रोपण तैयारी।

ओजोन पर्त में छेद हो गया,
विचार विमर्श इस पर जारी।
औद्योगिक विकास बढे कैसे,
वैज्ञाणिक मंथन इस पर भारी।

पिंघल रहे हैं हिम ग्लेशियर,
सब कहते सूरज अत्याचारी।
नदियाँ फिर भी क्यों सूखी,
क्यों प्यासी फिर धरती बेचारी?

हमको वेदों ने यह ज्ञान दिया था,
इस धरती पर भगवान दिया था।
भू गगन वायू अग्नि नीर सजाकर,
संरक्षण का अभियान दिया था।

आज उठो फिर धरा बचायें,
वृक्ष लगाकर हरियाली लायें।
भगवान का मान बढाकर,
धरती फिर से स्वर्ग बनायें।

डॉ अ कीर्ति वर्द्धन

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