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भारत में बेरोजगार

 

भारत में बेरोजगार

2004-2005: राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) के अनुसार, इस दौरान सामान्य स्थिति (CDS आधारित) पर बेरोजगारी दर लगभग 8.3% दर्ज की गई थी।2008 का वैश्विक मंदी: वर्ष 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट का असर भारत पर भी पड़ा, जिससे रोजगार वृद्धि पर कुछ समय के लिए दबाव आया।2011-2012: इस अवधि तक स्थिति में सुधार हुआ और बेरोजगारी दर घटकर लगभग 5.6% पर आ गई। इस दौरान कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए थे।

वर्ष 2022 से 2026 तक का वर्तमान रुझान महामारी के बाद सुधार: अर्थव्यवस्था के दोबारा खुलने और सुधार के बाद बेरोजगारी दर में लगातार कमी दर्ज की गई। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) और सरकारी दावों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में बेरोजगारी दर घटकर लगभग 3.2% के आसपास आ गई थी।ताज़ा स्थिति (2026): वर्ष 2026 के मध्य तक भारत में मासिक बेरोजगारी दर में उतार-चढ़ाव देखा गया है। अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारत की बेरोजगारी दर गिरकर लगभग 5.0% पर आ गई है (जो जुलाई 2026 में 5.1% थी)।

जबकि जनसंख्या निम्न रही

वर्ष 2004 से 2026 तक जनसंख्या के मुख्य आंकड़े
2004: लगभग 1.13 अरब (1,13,62,64,583)
2010: लगभग 1.24 अरब (124 करोड़)
2015: लगभग 1.32 अरब (132 करोड़)
2020: लगभग 1.40 अरब (140 करोड़)
2024: लगभग 1.44 अरब (144 करोड़)
2025: लगभग 1.45 अरब (145 करोड़)
2026: लगभग 1.47 अरब (147 करोड़)

यानि इस अवधि में 2004 से लगभग 33 करोड़ और 2015 से देखें तो पन्द्रह करोड़ जनसंख्या भी बढ़ी है।
सभी तथ्यों आँकड़ों का समायोजन कर बतायें कि कांग्रेस के समय से बेरोज़गारी दर बढ़ी है या घटी है।
केवल विरोध के लिये कुतर्कों का प्रयोग न करें।
(सभी उपरोक्त डेटा गूगल इंटरनेट से लिया गया है)

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