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रिश्तों में हिन्दी

 

रिश्तों में हिन्दी


माँ की ममता प्यार अनूठा हिन्दी में,
मौसी का दुलार छिपा है हिन्दी में।
बुआ की सारी ममता भाई बच्चों पर,
बहनों का सम्पूर्ण स्नेह भी हिन्दी में।

साली साले नाम लिया तो मुँह में मिश्री घुलती,
ससुराल में सास ससुर, राजा सी इज़्ज़त मिलती।
सलहज घूम घूम कर आती, सासू लाड़ लड़ाती,
हिन्दी में रिश्तों की ताकत, रिश्तों में दिख जाती।

देर रात तक दादी के संग, कथा कहानी सुनते,
रिश्तों की मर्यादा रिश्तों में, दादी मुख से सुनते।
बाबा घर में बड़े सभी से, ख़ज़ाना अनुभवों का,
ताऊ जी की बातें ज्ञान की, सभी ध्यान से सुनते।

हिन्दी में हैं ताऊ चाचा, बुआ फूफा नाना नानी,
ताई चाची माँ से बढ़कर, प्यारी मौसी मामी।
पापा को प्यारे साले साली, माँ की प्यारी बहना,
देवरानी जेठानी के रिश्ते, ननद से प्रीत सुहानी।

डॉ. अ. कीर्ति वर्द्धन
५३ महालक्ष्मी एनक्लेव 
मुज़फ़्फ़रनगर २५१००१
उत्तर प्रदेश 

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