रावण दहन क्यों?
रावण प्रतीक बुराई का, यह बतलाया जाता है,
कर्मों का फल यहीं मिलेगा, समझाया जाता है।
धर्म शास्त्र सिखाते हैं हमको, नैतिकता की राह,
जैसी करनी वैसी भरनी, धर्म सार बताया जाता है।
मर्यादा प्रतीक राम हैं, मानवता की राह चले,
काँटों में जीवन बीता, जो महलों में सदा पले।
छल से सीता हरण, छली मारीच साथ लिया,
रावण छलिया, पर राम किसी को नहीं छले।
पापों का फल यहीं मिलेगा, गीता ने बतलाया,
अहंकार मनुज पर छाया, विनाश मार्ग दिखाया।
ज्ञानवान होने का मतलब, सदा विनम्र बने रहना,
ज्ञानी पाप कर्म लिप्त, रावण सम दहन जताया।
डॉ अ कीर्ति वर्द्धन
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