जो कहते हैं चरखे से ही आजादी आयी,नेहरू गांधी ने अंग्रेजों को आंख दिखायी।वो दे़खें कैसे कैसे कष्ट उठाये, दिवानों ने,
दी खुद की कुर्बानी, तब आजादी पायी।
निकल पड़े थे सड़कों पर, निज घर को छोडा,
अंग्रेजों ने लाठी मारी, लालाजी का सिर फोडा।
सजा मिली थी काला पानी, दो जन्मों तक की,
किया समन्दर पार तैर, सावरकर ने कारा तोड़ा।
जाने कितने वीरों ने कुर्बानी दी थी,
भगत सिंह- आजाद, जवानी दी थी।
लडता रहा सुभाष, देश की खातिर,
तब भारत को, न
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