देवशयनी एकादशी का महत्व
राज पाठ सब त्याग नारायण करने चले विश्राम
आषाढ़ शुक्ल एकादश से है चार मास आराम ।
योग निंद्रा के कारण श्री हरि आ गये सागर क्षीर
शिवशंकर को सौंप के सत्ता सोने चले जगवीर।
जिस एकादश सोते विष्णु देवशयनी कही जाती
जिस एकादश उठेंगे देव वो देवउठान कहलाती।
चार माह तक मङ्गल कारज करते शास्त्र निषेध
देवों की लीला बड़ी अदभुत ख़ूब बखानते वेद।
"दीपक "भजिये भोले शंकर मन से करिये ध्यान
धर्मध्वजा को लेके जो चलता जगत करे गुनगान।
* डॉ. दीपक शर्मा *
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