दर्द की भी इक कहानी होती है।
चेहरे ऊपर एक निशानी होती है।
धूप छांव का यह सुंदर खेल है,
मगर कुछ दिन की जवानी होती है।
उड़ गए पक्षी तो पिंजरा खाली सा,
हर जिस्म में रुह बिगानी होता है।
खूबसूरत फूल गुलशन में खिलते, बारिशों की मेहरबानी होती है।
दुश्मनी उस से ही अक्सर हो जाए,
दोस्ती जिस से पुरानी होती है।
तितली का इतिहास केवल इतना है,
फूल खिलते तो दीवानी होती है।
बारिशें जब भी आलिंगन करती हैं,
निर्झरों भीतर रवानी होती है।
देख लूं बच्चों की जब किलकारियां,
सुबह,बालम, तब सुहानी होती है।
बलविंदर बालम ओंकार नगर गुरदासपुर पंजाब वटस आप+919815625409एडमिंटन कनेडा
Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY