Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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ऐसा भारत देश हमारा

 

ऐसा भारत देश हमारा 


जय-जय भारत देश हमारा 

तीनों लोकों में सबसे न्यारा 

हिमवान सा मुकुट मनोहर

 अनंत प्रकृति से सजा धरोहर

 गंगा यमुना ब्रह्मपुत्र हैं पावन 

भाषा -वेश से भरे हैं दामन 

अद्भुत रमणीक प्रदेश है प्यारा 

                           जय जय भारत देश हमारा।


 बलिदानों से इतिहास भरा है

 कभी किसी से नहीं डरा है

 सीमा पर हैं अटल जवान 

अंगार- तुषार में ज्यों चट्टान 

आँख अगर कोई दिखलाए

 उसका दंभ दलन हो जाए 

हो जाए वह नि:शेष नकारा 

                   जय जय भारत देश हमारा।


बुद्ध की शांति, गुरु की वाणी 

वेद पुराण, तपस्वी ज्ञानी 

गांधी, पटेल, सुभाष, नेहरू,

भगत, सुखदेव और राजगुरु 

आखर-आखर में इनके गीत 

अरिदल हों इनसे भयभीत 

सब कुछ हमनें वतन पर वारा 

                 जय-जय भारत देश हमारा।


मैत्रेयी, गार्गी, रखमाबाई,

सावित्री बाई फूले, लक्ष्मीबाई 

सकल विश्व ने माना इनको

नाज़ है हरदम जिनपर हमको

धरा- गगन पर छाप हमारा 

प्रणम्य भारत तुम जहां सितारा 

वसुधैव कुटुम्बकम अपना नारा 

                     जय-जय भारत देश हमारा।


हम सबकी बस एक ही इच्छा 

रहे तिरंगा हरदम ऊँचा

गगण धरा जयकार लगावें

तेरी रज हम शीश सजावें

वन्दे- मातरम् अपना नारा 

सुन्दर सुखद यह देश हमारा 

सभ्यता-संस्कृति के तुम स्वामी 

हे प्रणम्य!तुझको प्रणमामि

युगों-युगों पुंज जहां सितारा 

                जय-जय भारत देश हमारा।

                             आशा रघुदेव

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