कब आओगे श्याम हमारे
अंजनी कुमार पाठक
कब आओगे श्याम हमारे?
वंशी की धुन पर छलने वाले
वो छलिया चित्तचोर हमारे
कब आओगे श्याम हमारे ?
अंखियां थक गई राह संजोते
छीन लीयो सब चैन हमारे
कब आओगे श्याम हमारे?
सूना बाग सूनी हर गलियां
घनघोर घटा चहुंओर पसारे
कब आओगे श्याम हमारे ?
कहत अंजनी प्यार में पागल
राधा हो गई श्याम बिना रे
कब आओगे श्याम हमारे ?
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