जय भोलेनाथ
अंजनी कुमार पाठक
जय भोलेनाथ जय शिवशंकर
दीनों के नाथ दयावान शंकर
जो भी तेरी शरण में आता
मनमांगा वर वो है पाता
तेरी कृपा बरसती है सब पर
जय भोलेनाथ जय शिवशंकर
विष को तुमने पान किया है
जग का तू कल्याण किया है
जटा से बहती गंग निरन्तर
जय भोलेनाथ जय शिवशंकर
तेरी महिमाअपरम्पार है
भांग धतूरा तेरा प्रिय श्रृंगार है
गले में विषधर हे प्रलयंकर
जय भोलेनाथ जय शिवशंकर
हे नीलकंठाय अर्धनारीश्वराय
ज्ञान भूताय तत्पुरुषाय
ऊं नमःशिवाय जय हो शशिधर
जय भोलेनाथ जय शिवशंकर
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