Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
Administrator

बेटी पढाओ !

 

बेटी पढाओ !

अंजनी कुमार पाठक



पढी लिखी जो नहीं बेटियाँ

उसको खूब पढाओ

तभी रहेगी सुरक्षित बेटियाँ

है यह विकल्प अपनाओ

सृष्टि की अनमोल रत्न है

पापा की परी पर हमें गर्व है

नैहर पीहर खुशहाल है रखती

धैर्य सँयम सँतोष प्रखर है

अँतरिक्ष मेँ जा रही बेटियां

हवाई जहाज उडा रही बेटियाँ

सेना मेँ रहकर शौर्य दिखाती

दुश्मन पर गोले  बरसाती

घर गृहस्थी मेँ साथ निभाती

सभी क्षेत्र मेँ नाम कमाती

बेटी को पढाना पुनीत कर्तव्य  है

हर मनुज का राष्ट्रधर्म है

बेटी जब शिक्षित होती है

देश तभी विकसित होता है

बेटी पढाओ बेटी बचाओ

बेटी से ही सृष्टि  चलता है।

 


बेटी है तो कल है????

लेखिका अनिता देवी 


बेटी घर की रौनक है,

बेटी जीवन का मान,

उसकी हँसी से महक उठे,

हर आँगन और जहान।


बेटी केवल फूल नहीं,

वह शक्ति का आधार है,

उसके सपनों को पंख मिले,

तो रोशन संसार है।


कभी वह माँ का आँचल है,

कभी पिता का अभिमान,

अपने कर्मों से लिख देती,

वह अपनी नई पहचान।


मत बाँधो उसके सपनों को,

मत रोको उसकी उड़ान,

बेटी को शिक्षा, सम्मान दो,

यही है सच्चा अभियान।


जिस घर में बेटी मुस्काती,

वहाँ खुशियों के दीप जलें,

बेटी आगे बढ़ती जाए,

तो देश प्रगति की राह चले।


बेटी बोझ नहीं, वरदान है,

बेटी भारत की शान है,

उसकी आँखों में जो सपने,

वही देश का अरमान है।


आओ आज संकल्प करें,

हर बेटी का मान करें,

शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान से,

उसका जीवन आसान करें।


बेटी बचाएँ, बेटी पढ़ाएँ,

बेटी को अधिकार दिलाएँ,

बेटी है आने वाला कल,

मिलकर उसका भविष्य सजाएँ।????

Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY
हर उत्सव के अवसर पर उपयुक्त रचनाएँ