जो आयी तुम मेरी जिन्दगी मैं.....
जैसे जिन्दगी में एक कमल खिला....
आँखो को नया सपना मिला....
सागर में जैसे लहरे उठने लगी...
जिन्दगी पंक्षी-संग उड़ने लगी.....
आसमान ने , ये काली चादर हटाई है....
और एक परी निकल कर मेरी जिन्दगी मे आयी है....
नहीं जानता की कितना प्यार है तुमसे.....
सागर की गहराई सा, या आसमान की ऊचाँई सा...
इतना पता है मुझे...
कि जिन्दगी भर तुम्हारा साथ चाँहता हूँ....
तुमसे पहले इस दुनिया से जाना चाहता हूँ....
हर सांस में एहसास है तुम्हारा...
मच्छली और नीर सा साथ रहे हमारा....
नहीं कहता कि चाँद तारे लाकर दूँगा तुम्हें...
हाँ पर इन होटों को मुस्कुराने की वजह दूँगा मैं....
जीना सिखाया है तुमने.....
मैं तो समुन्दर में पड़ा था सीप में रखकर मोती बनाया है तुमने....
मेरी नाव की माझी हो तुम...
मेरी जिन्दगी की मिठास हो तुम...
जो आयी तुम मेरी जिन्दगी मैं.....
बैठा हूँ जैसे बरगद की छाव में.....
हैप्पी वेलेंटाइन्स डे...
अंजली अग्रवाल
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