मुक्तक
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| 8:14 AM (9 hours ago) |
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सबब जिंदगी का सिर्फ़ महफ़िल से नहीं मिलता।
कोई दिल से नहीं मिलता किसी से दिल नहीं मिलता।
शौक दरियादिली का यहाँ पालें भी तो कैसे,
कहीं दरिया नहीं मिलता कहीं पर दिल नहीं मिलता।
©अमरेश सिंह भदौरिया
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