मित्रता से प्रेम तक आने का शुक्रिया।
अपना राजदार मुझे बनाने का शुक्रिया।
जब-जब मैं टूटा खुद से संभाला है आपने,
मुश्किलों में मेरा साथ निभाने का शुक्रिया।
©अमरेश सिंह भदौरिया
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