जिस भारत पूरी दुनिया,खौफ खाती है
जब खेलने हमारी टीम,विदेश जाती थी
जोश भरे सीने से रन बनाते,थे हम
विरोधी टीम देख हमे घबराती थी
साचिन के साथ वीरू की जोडी आया करती,थी
मार मार कर बालरो को,हमारे दिल पर छाया,करती थी
हौसला हमारा चट् टान,का हुआ करता था
वतन के लिये जीता और मरता था
आभिषेक जैन
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