होता नही सबर अब गम के मौसम मे आँसूयो की बरसात गिरती है
खुशीयौ के सावन मे लाख दाग छिपाये है मोहब्बत के दामन मे
करो ना मोहब्बत हसीनो को रुलाते देखा
दिल तोडकर किसी गैर के साथ जाते देखा
वादा किया मुझसे और किसी गैर के साथ निभाते देखा ये प्यार ही
तो जो दरद निभाते देखा
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