गणपति वंदन-
जै एकदंत
प्रथम है वंदन
विघ्न हरण।
करूँ नमन
मात पिता गुरू को
गणपति को।
लेखक समीक्षक
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गणपति वंदन-
जै एकदंत
प्रथम है वंदन
विघ्न हरण।
करूँ नमन
मात पिता गुरू को
गणपति को।
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