अगर आंसू कभी आये, तो आंसू पौंछ देता है,
मेरी खुशियों पर अपना, सभी कुछ वार देता है।
मेरे ग़म में तड़पता जो, भुला खुद के गम सारे,
खुशी मिल न सकी अपनों से, दोस्त वार देता है।
अ कीर्ति वर्द्धन
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