धर्म का मर्म क्या, पहले जानिये,
मर्म जानकर ही, ज्ञान बखानिये।
कट्टरपंथियो की बातें छोड़ कर,
धर्म का मतलब, मानवता ठानिये।
सनातन का सार, विश्व बंधुत्व है,
सर्वे संतु निरामया की भावना।
मानव जिये बस मानवता के लिए,
सनातन मन्त्र शान्ति की कामना।
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